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लखनऊ उत्तर प्रदेश। यूपी मे ताबड़तोड़ एनकाउंटर मे दो बदमाश ढेर. प्रदेश मे कही आपराधियों पर खौफ बना तो कहीं आपराधियों का खौफ कायम। लखनऊ उत्तरप्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

*यूपी में ताबड़तोड़ एनकाउंटर में दो बदमाश ढेर…*
*प्रदेश में कहीं अपराधियों पर खौफ बना तो कहीं अपराधियों का खौफ कायम…*

लखनऊ उत्तरप्रदेश से राजेश कुमार यादव की ख़ास रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में रविवार की सुबह पुलिस और एसटीएफ ने आतंक का पर्याय बने दो खूंखार अपराधियों का खात्मा किया।एसटीएफ ने एक लाख के इनामी सिराज अहमद को मार गिराया, तो पुलिस ने 50 हजार के इनामी आजाद उर्फ जुबैर उर्फ पीटर को ढेर किया। लोगों को परेशान करना, उनमें दहशत फैलाना इन बदमाशों का मुख्य पेशा बन गया था।
पहला एनकाउंटर बुलंदशहर में हुआ, जहां पुलिस ने 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश आजाद उर्फ जुबैर उर्फ पीटर को मारा गया। जबकि, इसका साथी फरार होने में सफल रहा। हालांकि इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारे गए बदमाश पर विभिन्न जिलों में हत्या और लूट जैसे 47 गंभीर मामले दर्ज थे। यह मेरठ जिले के श्यामनगर क्षेत्र के लिसाड़ी गेट का रहने वाला था।
वहीं बुलंदशहर में आजाद उर्फ जुबैर के ढेर होने के कुछ देर बाद ही एसटीएफ ने करीब 200 किमी दूर सहारनपुर में एक लाख के इनामी बदमाश सिराज अहमद को मार गिराया। यह सुल्तानपुर जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र के लोलेपुर गांव का रहने वाला था। 6 अगस्त 2023 की शाम सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता आज़ाद अहमद की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात ने जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। पुलिस जांच में हत्या का मुख्य आरोपी के रूप में सिराज अहमद का नाम सामने आया था। इसके बाद से पुलिस को इसकी तलाश थी। लेकिन, वह फरार चल रहा था।
पर प्रदेश में कई ऐसे भी जिले हैं जहां एनकाउंटर के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। खूंखार अपराधियों के बजाए एक चैन स्नेचर और चोर का एनकाउंटर कर उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार करना सवालों के घेरा पैदा करता आया है। जहां प्रदेश में एक तरफ खूंखार अपराधियों का एनकाउंटर कर ढेर किया जा रहा है, वहीं छुटपुटिए अपराधियों का एनकाउंटर में घायल करना और उन्हें गिरफ्तार कर सरकारी मेहमान बनाना एक तरफ इशारा करता है कि प्रदेश में कई जगह कानून व्यवस्था बनाने में सफलता मिल रही है, वहीं कई जगह कानून व्यवस्था नज़र नहीं आ रही।

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